भारतीय पंचायत संघ का संगमा को समर्थन

नर्इ दिल्ली, लो.पं. ब्यूरो

भारतीय पंचायत संघ ने भारत के राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी पी.ए.संगमा को अपना पूरा समर्थन देने की घोषणा की है। यह घोषणा भारतीय पंचायत संघ के राष्ट्रीय अèयक्ष कृष्ण कान्त की पी. ए. संगमा के साथ हुर्इ बैठक के बाद की गयी। भारतीय पंचायत संघ की तरफ से समर्थन की घोषणा करते हुए कृष्ण कान्त ने कहा कि श्री संगमा राष्ट्रपति पद के लिए देश के राष्ट्रवादी और जमीनी सोच वाले लोगों के प्रतिनिधि हैं। उन्होंने कहा कि श्री संगमा द्वारा विदेशी मूल के व्यकित को भारत का प्रधानमंत्री बनने का विरोध करने के मुददे पर सभी राष्ट्रवादी सोच के सांसदों और विधायकों को उनका समर्थन करते हुए अपना मत पी. ए. संगमा को ही देना चाहिए। कृष्ण कान्त ने कहा है कि देश की आजादी से लेकर अब तक बड़ी संख्या में जनजाति के लोग लगातार अन्याय, शोषण, उत्पीड़न और भेदभाव का शिकार हो रहे हैं। ये लोग अभाव और बदहाली का जीवन जीने के लिए विवश कर दिये गये हंै। ऐसी दशा में यदि उस समुदाय का व्यकित भारत का राष्ट्रपति बनता है तो इससे उनके जीवन स्तर में भी बदलाव हो सकेगा।

उन्होंने कहा कि डा. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में यूपीए सरकार ने मंहगार्इ और भ्रष्टाचार के सारे पिछले रिकार्ड तोड़ दिये हैं, इससे पूरा देश निराशा के अंधकार में डूबा हुआ है। इसमें सिर्फ वो लोग शामिल नहीं हैं जो इससे लाभानिवत हो रहे हैं। यदि यूपीए के प्रत्याशी को हरा कर पी. ए. संगमा राष्ट्रपति बनते हैं तो ऐसी अराजक सिथति से देश को उबारने में बड़ी सफलता मिलेगी। कृष्ण कान्त ने देश के किसानों, मजदूरों और सामाजिक संगठनों से अपील की है कि श्री संगमा की जीत सुनिशिचत करने के लिए सभी एकजुट होकर इस अभियान को आगे बढ़ाये।

भारतीय पंचायत संघ पिछले 10 वर्षों से पंचायती राज व्यवस्था के सशकितकरण के अभियान में संलग्न है। संघ का मानना है कि जब तक देश के सभी गांव पूरी तरह से आत्मनिर्भर नहीं हो जाते तब तक देश कभी आत्मनिर्भर नहीं हो सकता।

भारतीय पंचायत संघ के कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्र में सभी दलों और निर्दलीय सांसदों और विधायकों से मिल कर आगामी राष्ट्रपति चुनाव में पी. ए. संगमा को अपना मत देकर विजयी बनाने के लिए अपना पक्ष रखते हुए एक राष्ट्रव्यापी अभियान चलायेंगे। Ñष्ण कान्त ने भरोसा जताया है कि देश बदलाव चाहता है, इसलिए पी. ए. संगमा ही भारत के अगले राष्ट्रपति पद के लिए भारी मतों से निर्वाचित होंगे।

Leave a Reply

You can use these HTML tags

<a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>